
*सब न्यूज कॉर्डिनेटर हेड दयानंद यादव की रिपोर्ट*
कांडी (गढ़वा): सरकार ने भले ही ‘ड्राई डे’ पर शराबबंदी का पहरा बैठाया हो, लेकिन शराब माफियाओं के लिए यह ‘कमाई का डे’ बन गया है। कांडी थाना क्षेत्र के सुंडीपुर स्थित सरकारी देशी कंपोजिट दुकान में पुलिस ने गुप्त सूचना पर सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए अवैध शराब के काले खेल का भंडाफोड़ किया है। थाना प्रभारी मो. असफाक आलम के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई ने इलाके के शराब सिंडिकेट में हड़कंप मचा दिया है।
सुपरवाइजर का ‘मास्टरमाइंड’ प्लान: चाबी ली और शुरू कर दी बिक्री
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से दुकान के स्टाफ लव कुमार पासवान को दबोच लिया। गिरफ्त में आए स्टाफ ने जो खुलासा किया, उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। लव कुमार के अनुसार, इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड सुपरवाइजर अरुण कुमार गुप्ता है। शातिर सुपरवाइजर ने ‘मोबाइल भूलने’ का बहाना बनाकर स्टाफ से दुकान की चाबी ली और दुकान के पीछे के रास्ते से अवैध बिक्री का काउंटर खोल दिया। हालांकि, पुलिस की भनक लगते ही मुख्य आरोपी अरुण गुप्ता चकमा देकर फरार होने में सफल रहा।
भारी मात्रा में विदेशी ब्रांड जब्त
पुलिस ने जब दुकान की तलाशी ली, तो वहां अवैध स्टॉक का अंबार मिला। जब्त शराब की फेहरिस्त लंबी है:
रॉयल स्टैग: 69 बोतलें (विभिन्न साइज)
कैप्टन (प्लास्टिक): 470 पीस
इंपीरियल ब्लू: 44 पीस
आइकॉनिक व्हाइट: 20 पीस
सिग्नेचर: 09 बोतलें
कानून का शिकंजा: बीएनएस और उत्पाद अधिनियम के तहत केस दर्ज
थाना प्रभारी मो. असफाक आलम ने बताया कि यह मामला बेहद गंभीर है। पुलिस ने कांड संख्या 18/26 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और उत्पाद अधिनियम 47(A) के तहत कार्रवाई की है। गिरफ्तार स्टाफ को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है, जबकि फरार सुपरवाइजर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है।
“नियम तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सरकारी दुकान की आड़ में अवैध धंधा करने वालों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।”